03/09/2026
श्री कृष्ण केवल एक व्यक्ति नहीं, जीवन को पूरी तरह जीने की कला हैं ओशो कहते हैं कि कृष्ण का जीवन विरोधाभासों का सुंदर संगम है—वे ध्यान में भी हैं, प्रेम में भी; युद्ध के मैदान में भी हैं और बांसुरी की मधुर धुन में भी। यही कृष्णत्व है—जीवन से भागना नहीं, बल्कि उसे पूरी चेतना के साथ जीना ❤️